क्राइम रिपोर्टर, सचिन सिंह चौहान
अलीगढ़ के मासूम बच्चों को निशाना बना रहे सिलोचन माफिया पर अब पुलिस का बड़ा एक्शन शुरू हो गया है। यह पहल उस रात से जन्मी, जब 5 दिसंबर को एसएसपी नीरज कुमार जादौन पैदल गश्त पर कठपुला की ओर निकले। पास ही रेलवे ट्रैक के किनारे कुछ बच्चे पुलिस को देखकर भागने लगे। संदिग्ध हरकत देख एसएसपी तुरंत जीटी रोड के डिवाइडर पर बैठे एक किशोर के पास पहुंचे और उससे प्यार से बात की। जब बच्चे ने धीरे-धीरे सच बताया तो पूरा मामला चौंका देने वाला था।

20 रुपए की सिलोचन, 5 रुपए का रुमाल
पूछने पर पता चला कि पंचर लगाने के काम में आने वाले सिलोचन (केमिकल) का इस्तेमाल बच्चों में नशे के लिए हो रहा है। 75 एमएल का सिलोचन का ट्यूब 20 रुपए और इसको इस्तेमाल करने के लिए 5 रुपये में रुमाल बेचा जाता है। बच्चे रूमाल में ट्यूब से सिलोचन निकालकर रखते हैं और नशे के लिए सूंघते रहते हैं। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में सैकड़ों बच्चे इसकी चपेट में हैं।
एसएसपी के आदेश पर गुरुवार को पुलिस ने बच्चों को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए अभियान चलाया। कठपुला और रेलवे ट्रैक के आसपास से करीब 27 बच्चों को पकड़ा गया। तलाशी में किसी–किसी बच्चे से 3 तो किसी के पास से दो सिलोचन के ट्यूब बरामद हुए। सभी बच्चों के पास एक जैसे रुमाल मिलने पर पुलिस नशे का सिंडीकेट होने पर भी काम कर रही है।
सिलोचन वाले हाथों में चॉकलेट देख खुश हुए बच्चे
पकड़े गए बच्चों में अधिकांश 7 से 10 साल और कुछ 12 से 15 साल के थे। सभी को एसएसपी कार्यालय लाया गया। यहां एसएसपी ने सभी बच्चों की काउंसिलिंग की और नशे से दूर रहने के लिए कहा। बच्चों ने भी नशा न करने का भरोसा दिया। सभी बच्चों को चाय–पकौड़े के साथ ही चॉकलेट भी दी गईं। चॉकलेट देखकर छोटे बच्चे बहुत खुश नजर आए।
थोड़ी ही देर में बच्चे एसएसपी से घुलमिल गए। बच्चों के पढ़ने के लिए सामाजिक संस्थाओं से संपर्क करने के लिए भी कहा। इसके बाद पूछने पर कुछ बच्चों ने अफसर तो किसी ने फौजी बनने की बात कही। इसके अलावा कुछ बच्चे ठंड में एसएसपी से स्वेटर भी मांगते नजर आए। एसएसपी ने सभी बच्चों के स्वेटर के इंतजाम करने के निर्देश दिए।
सिलोचन बेचने वालों पर सख्त कार्रवाई का आदेश एसएसपी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बच्चों को नशे का आदी बना रहे इलाकों में गश्त बढ़ाई जाए। इसके अलावा बाल कल्याण समिति के साथ मिलकर बच्चों के पुनर्वास की व्यवस्था करने के लिए कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि यह केमिकल पंचर लगाने के काम में आता है। अगर इसे बच्चों के लिए बेचा गया तो सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।




