ग्रामीण संवाददाता (जालौन)
जालौन (लहचूरा)जनपद से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक नाबालिग बच्ची के लापता होने के बाद परिवार पिछले 40 दिनों से न्याय के लिए दर-दर भटक रहा है। जालौन पुलिस ने 40 दिनों में किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं की तत्पश्चात पीड़ित पिता ने झांसी परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) को पत्र लिखकर मामले में त्वरित कार्रवाई की मांग की है।
पत्र के अनुसार, जालौन थाना क्षेत्र के ग्राम लहचूरा निवासी राकेश पुत्र बाबू रजक की नाबालिग पुत्री 25 दिसंबर 2025 समय 10 बजे विद्यालय जाने की बात कह कर घर से निकली थी । लेकिन वह विद्यालय नहीं पहुंची बाद में परिवार के द्वारा उसकी खोजबीन की गई तो मालूम चला कि गोविंद पुत्र तुलाराम निवासी मदनेपुर थाना कुठौंद जिला जालौन जो पहले से जालौन में मौजूद था और राकेश की नाबालिक पुत्री को बहला फुलायाकर अपने साथ ले गया ।
F.I.R दर्ज होने 40 दिन के बाद भी जालौन पुलिस के द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं
इस समग्र घटना की स्थानीय पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। लेकिन आज तकरीबन 40 दिन होने के पश्चात भी जालौन पुलिस के द्वारा कोई प्रभावी एवं कठोर कार्रवाई नहीं की गई है। पीड़ित ने बताया की इस समग्र प्रकरण में मुख्य भूमिका रईस पुत्र दिलावर निवासी ग्राम रनवा इस व्यक्ति का उल्लेख मोबाइल नंबर के साथ F.I.R में दर्ज किया गया है इसी व्यक्ति के मोबाइल फोन से इसकी पुत्री की बात होती थी। F.I.R दर्ज होने से तिलमिलाए उपरोक्त व्यक्ति ने पीड़ित की छोटी पुत्री को धमकी देते हुए कहा कि मुकदमा वापस ले लीजिए वरना जान से मार दिया जाएगा इसके पश्चात भी जालौन पुलिस के द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई।
पीड़ित पिता का आरोप है कि इस मामले की सूचना स्थानीय थाना स्तर पर दी गई, लेकिन अभी तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, जिससे परिवार में भय और चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि लापता बच्ची के मोबाइल नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी।
परिवार ने DIG कार्यालय से अपील की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और बच्ची को जल्द से जल्द सुरक्षित बरामद कराया जाए।पीड़ित पिता का कहना है कि स्थानीय स्तर पर न्याय न मिलने के कारण उन्हें उच्च अधिकारियों की शरण लेनी पड़ी है।




