क्राइम रिपोर्टर, सचिन सिंह चौहान
Agra : कान्हा गौशाला के मे गाय और गौवंशो के देख रेख के लिए डॉक्टर और कर्मचारी लगाए गए है।गौशाला कि जानकारी लेने के लिए हमारे रिर्पोटर सचिन सिंह चौहान के द्वारा प्रयास किया गया कि गौशाला मे वहा पर गाय और गौवंश कि कि तरह से देखरेख किया जा रहा है।लेकिन वहा के कुछ कर्मचारी अंदर जाने को मना कर देते है।
हमारे रिपोर्टर द्वारा दुबारा प्रयास किया गया तब वहा मौजूद कर्मचारी ने कहा कि मोबाइल बाहर जमा कर दो इससे ये समझ आ अंदर कुछ तो गड़बड़ है। फिर दिनांक 28/7/2024 को किसी तरह गौशाला कि तस्वीर ली गई गौशाला कि तस्वीर देखते ही समझ में आया कि गौवंशो कि अच्छी तरह से देखरेख नहीं की जा रही । गंदगी कि वजह से गयो के लिए बैठने के लिए डाला गया खंजडा भी नज़र नहीं आ रहा था। चारों तरफ गंदगी ही गंदगी थी ।
बारिश के मौसम में भी गोवंशो को सूखा चारा खाने को दे रहे है (भूसा ) कुछ गए बीमार सी लग रही थी। एक तस्वीर मे ज्यादा ध्यान से देखने पर गौवंश का शव दिखाई दिया जो की जीवित गयो के बीच में ही पड़ा है।
फिर दुबारा दिनांक 29/7/2024 यानी आज गौशाला में हमारे सहयोगी सचिन सिंह चौहान ने जाकर तस्वीर ली उस समय का दृश्य बड़ा ही भयानक था वहां का नजारा देखकर हमारे रिपोर्टर की आंखों से आंसू बहने लगे और गला भर आया।

उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ जी के प्रोजेक्ट प्लान की गौशाला के कर्मचारी धज्जिया उड़ा रहे है। उन्हें सूबे की मुखिया के आदेश का भी कोई खौफ नहीं है । वहां पर पड़े मृतक गोवंश की हालत इतनी खराब थी कि हम उसे गांव वंश की तस्वीर आप लोगों को नहीं दिखा सकते लेकिन आसान शब्दों में बताना चाहेंगे कि मृत पड़े गौवंश के शव कि पूछ उखड़ गई थी और दूसरे गाय के शव को कौए नॉच रहे थे। तस्वीरें लेने के बाद गौशाला के कर्मचारी से इस संबंध में जानकारी लेनी चाही तो वहा के कर्मचारी ने कुछ संतोषजनक जवाब नहीं दिया। और वह इस मामले में जवाब देने से बचते रहे।
आपको बताते चलें कि उत्तर प्रदेश के चुनाव में हर बार गोवंशोंकी रक्षा और आवारा पशुओं का मुद्दा बना रहा है । बीजेपी गवर्नमेंट इस पर जमकर राजनीति भी करती है और इसका फायदा भी उठाती है । सरकार गायों की सुरक्षा और उनकी देखभाल के लिए समय-समय पर अपने पीठ भी थपथपाती नजर आती है। लेकिन अगर जमीनी स्तर की बात की जाए तो हालत बाद से बदतर है।

Author: भूपेन्द्र सिंह कुशवाहा
पेशे से पत्रकार , इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, प्रिंट मीडिया एवं विभिन्न न्यूज़ पोर्टल का अनुभव, सभी चैनलों का अपना अपना एजेंडा लेकिन मेरी विचारधारा स्वतंत्र पत्रकार की "राष्ट्र हित सर्वप्रथम"
