मथुरा मे मंगलवार सुबह 11 बजे महिला PCS किरण चौधरी को विजिलेंस टीम ने गिरफ्तार कर लिया। DPRO किरण चौधरी पर पहले भी आरोप लगते रहे है। हर बार अपनी ऊँची पहुंच के बल पर मामला रफा – दफा होता रहा वर्ष 2022 मे ग्राम पंचायतो मे लाइटें लगवाने के मामले मे भी जांच बैठी थी। इसके अतिरिक्त दर्ज़नो बार ग्राम प्रधान उनकी शिकायत कर चुके है। सुल्तानपुर की रहने वाली DPRO किरण चौधरी को 2021 से मथुरा मे तैनाती मिली।
इस दौरान विजिलेंस टीम की महिला SP ने ट्रैप कर किरण चौधरी को 70 हजार रूपये लेते रंगे हाथों पकड़ा। विजिलेंस टीम को शिकायत मिली थी की DPRO किरण चौधरी काम करने के एवज मे रिश्वत मांग रही थी। इसके बाद टीम ने पूरी तैयारी के साथ उनके घर पर छापेमारी की। विजिलेंस टीम मंगलवार सुबह 11 बजे लखनऊ से इंद्रप्रस्थ कॉलोनी स्थित किरण चौधरी के घर पहुंची। उनको कार मे बैठाकर ले गई।
ग्राम प्रधान ने की थी DPRO किरण चौधरी की शिकायत
DPRO किरण चौधरी की एक ग्राम प्रधान ने शिकायत की थी। शिकायत मे कहा गया था कि महिला अफसर काम करने के एवज 70 हजार की रिश्वत मांग रही है। इसके बाद लखनऊ से विजिलेंस की दो टीमें DPRO किरण चौधरी की छानबीन मे लग गई।
महिला SP विजिलेंस बबिता सिंह ने ट्रैप किया
विजिलेंस टीम ने महिला DPRO किरण चौधरी के यहाँ छापेमारी का ग्राफ तैयार किया। SP विजिलेंस बबिता सिंह ठीक के साथ DPRO के घर पहुंची। इस दौरान जैसे ही शिकायतकर्ता ने DPRO किरण चौधरी को 70 हजार रूपये दिये, टीम ने उन्हें रंगे हाथों रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। टीम 4 कारों से DPRO किरण चौधरी के घर पहुंची साथ मे अन्य अफसर भी थे। छापेमारी के दौरान DPRO किरण चौधरी का मोबाइल फोन जमा करा लिया गया। बंद कमरे मे महिला अधिकारीयों ने मथुरा DPRO किरण चौधरी से करीब 30 से 35 मिनट तक पूछताछ की।
इसके बाद विजिलेंस की दूसरी टीम राजीव भवन स्थित उनके कार्यालय पहुंची। इस दौरान शिकायतकर्ता भी साथ मे थे। टीम ने कार्यालय से कुछ फाइलें जप्त कर टीम लखनऊ के लिए रवाना हुई दस्तावेजों को खांगला जा रहा है।
