February 1, 2023
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शनिवार के दिन करें यह कार्य प्रसन्न हो जाएंगे शनिदेव बदल देंगे तकरीर
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शनिवार के दिन करें यह कार्य प्रसन्न हो जाएंगे शनिदेव बदल देंगे तकरीर

एस्ट्रोलॉजी :-  शनिवार के दिन शनिदेव की पूजा का विधान है। शनिदेव को न्याय के देवता के रूप में जाना जाता है। कहते हैं कि शनिदेव अच्छे बुरे कर्मों का हिसाब रखते है। जीवन में बुरे कर्म करने वाले जातको को शनिदेव के क्रोध का सामना करना पड़ता है। वहीं, अच्छे कर्म करने वालों का शनिदेव बेड़ा पार कर देते है।शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए शनिवार का दिन उत्तम माना गया है। शनिदेव की कृपा पाने के लिए शनिवार के दिन ये सरल से तरीका कर लेंने से शनिदेव प्रसन्न होकर भक्तों के कष्टों का नाश करते हैं। आइए जानते हैं शनिवार के दिन क्या तरीका किए जा सकते हैं।

शनिवार के दिन करें यह कार्य प्रसन्न हो जाएंगे शनिदेव बदल देंगे तकरीर

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शनिदेव को प्रसन्न करने के तरीका

– शनिदेव की कुदृष्टि से बचने के लिए शनिवार के दिन बजरंगबली को सिंदूर और चमेली के तेल चढ़ाना चाहिए।

-इस दिन हनुमान चालीसा का पाठ करने से शनिदेव के क्रोध से स्वयं को बचाया जा सकता है। ये भी मान्यता है कि हनुमानजी की पूजा करने वालों को शनिदेव की प्रताड़ना का सामना नहीं करना पड़ता।

– नियमित रूप से पीपल को जल चढ़ाने से भी शनिदेव प्रसन्न होकर भक्तों पर कृपा बरसाते हैं। इतना ही नहीं, सात बार पीपल के पेड़ की परिक्रमा भी करें।कहते हैं इस दिन किसी गरीब को भोजन कराने से भी शनिदेव प्रसन्न होते हैं।

– शनि मंदिर में शनिदेव को शनिवार के दिन सरसो के तेल और काले तिल अर्पित करें। इस दिन ऑयल का दान करना भी श्रेष्ट रहता है। इसके लिए स्नान के बाद एक कटोरी ऑयल में अपना चेहरे देख लें और फिर इस ऑयल और कटोरी को किसी जरूरतमंद को दान में दे दें।

– शनिवार के दिन शनिदेव की विधि-विधान से पूजा करें। उन्हें नीले रंग के पुष्प अर्पित करें। इस बात का भी ध्यान रखें कि शनिदेव की पूजा के समय उनकी मूर्ति के सीधे दर्शन न करें।

– शनिवार के दिन सूर्यास्त के बाद सुनसान जगह पर उपस्थित पीपल के पेड़ के पास दीपक जलाएं। इर्द-गिर्द पीपल का पेड़ न होने पर मंदिर में भी दीपक जलाया जा सकता है। इससे धन संबंधी परेशानीएं दूर होती हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना केवल मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। यहां यह बताना जरूरी है कि मीडिया किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित जानकार से राय लें। 

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1 comment

marizon ilogert October 19, 2022 at 9:58 am

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