- लाखों-करोड़ों बार दोहराई जाने वाली छोटी आदतों पर शुरू हुआ वैश्विक पर्यावरण अभियान, 18 देशों के 10,755 लोग जुड़े
- बागपत के उड़ान यूथ क्लब की पहल ने रोजमर्रा की आदतों और जलवायु संकट के संबंध को बनाया चर्चा का विषय

बागपत, 07 जून।
पानी की आधी बोतल फेंक देना, जरूरत न होने पर भी खरीदारी करना, हर बार प्लास्टिक लेना या काम चलने के बावजूद चीजों को बदल देना — ऐसी छोटी आदतें जब दुनियाभर में लाखों-करोड़ों बार दोहराई जाती हैं, तो वही पर्यावरण और जलवायु संकट का बड़ा कारण बनती हैं। इसी सोच को केंद्र में रखकर माय भारत केंद्र बागपत से जुड़े उड़ान यूथ क्लब ने विश्व पर्यावरण दिवस पर ‘नेचर नीड्स यू’ अंतरराष्ट्रीय जागरूकता अभियान चलाया।
गांव स्तर से शुरू हुई इस पहल से भारत सहित 18 देशों के 10,755 लोग जुड़े। अभियान के तहत लोगों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि पर्यावरण संरक्षण केवल बड़े अभियानों या सरकारी योजनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह रोजमर्रा की जिम्मेदार आदतों से भी जुड़ा है।
क्लाइमेट कार्डिनल्स यूवाईसी इंडिया चैप्टर के माध्यम से आयोजित ऑनलाइन क्विज में प्रतिभागियों से किताबों पर आधारित सामान्य प्रश्नों के बजाय व्यवहारिक और दैनिक जीवन से जुड़े सवाल पूछे गए। इनमें पानी बचाने, जरूरत के अनुसार खरीदारी करने, प्लास्टिक कम उपयोग करने, फास्ट फैशन से बचने और प्रकृति के प्रति संवेदनशील व्यवहार जैसे विषय शामिल रहे।
अभियान का उद्देश्य लोगों को केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि उन्हें अपनी छोटी आदतों के बड़े प्रभाव के बारे में सोचने के लिए प्रेरित करना था। पूर्ण अंक प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को डिजिटल प्रमाणपत्र जारी किए गए। वहीं विभिन्न देशों से चयनित प्रतिभागियों की तस्वीरों को ‘नेचर नीड्स यू चैंपियंस’ ग्लोबल फोटो कोलाज में शामिल किया गया।
अभियान के दौरान बड़ी संख्या में युवाओं, शिक्षकों, स्वयंसेवकों, इको क्लबों और सामाजिक संगठनों ने भागीदारी की। सोशल मीडिया पर प्रतिभागियों ने अपने अनुभव, पोस्टर और प्रमाणपत्र साझा कर पर्यावरण जागरूकता का संदेश आगे बढ़ाया।
उड़ान यूथ क्लब के अध्यक्ष एवं क्लाइमेट कार्डिनल्स यूवाईसी इंडिया चैप्टर के कोऑर्डिनेटर अमन कुमार ने कहा कि लोग अक्सर बड़ी पर्यावरणीय समस्याओं की चर्चा करते हैं, लेकिन उन छोटी आदतों पर ध्यान नहीं देते जिन्हें हर दिन करोड़ों लोग दोहराते हैं। उन्होंने कहा कि यदि हम अपनी दिनचर्या में छोटे लेकिन जिम्मेदार से युक्त बदलाव अपनाएं तो वही बदलाव वैश्विक स्तर पर बड़ा सकारात्मक प्रभाव पैदा कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि माय भारत जैसे प्लेटफॉर्म युवाओं को सामाजिक और पर्यावरणीय मुद्दों पर नेतृत्व और जनभागीदारी का अवसर दे रहे हैं। अभियान में क्लाइमेट पर चर्चा, कॉन्टेस्ट 360, यूथ क्लाइमेट इम्पैक्ट कम्युनिटी उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न युवा संगठनों का सहयोग रहा।



