सुबह साइकिल पर बेचे अख़बार, वर्षों तक सीने में रची-बसी चुप्पी—और एक दिन पाई राष्ट्रीय पहचान

जब वंचना ने सवाल पैदा किए और एक युवा ने जवाब ढूंढ लिया

उत्तर प्रदेश के बागपत जिले का एक छोटा सा गांव — ट्यौढ़ी।सुबह की हल्की ठंड, साइकिल पर लदे अख़बार और समय से पहले ज़िम्मेदारियों का बोझ। यही वह दृश्य था, जिसमें अमन कुमार का बचपन बीता। पढ़ाई जारी रखने के लिए किशोरावस्था में गांव-गांव अख़बार बांटना उनके लिए कोई रोमांचक अनुभव नहीं था, बल्कि मजबूरी … Read more

नोबेल विजेता कैलाश सत्यार्थी के संग दुनिया में शांति और मानवता का उजियारा बिखेरेंगे अमन

बागपत दिनांक 24 मई 2025 — जब पूरी दुनिया तकनीक और प्रतिस्पर्धा की दौड़ में आगे बढ़ रही है, तब भारत का एक युवा शांतिपूर्वक कहता है – “अब समय है करुणा से नेतृत्व करने का।” ये आवाज़ है बागपत, उत्तर प्रदेश के छोटे से गांव ट्योढ़ी से निकले अमन कुमार की, जिनका चयन नोबेल … Read more