सुबह साइकिल पर बेचे अख़बार, वर्षों तक सीने में रची-बसी चुप्पी—और एक दिन पाई राष्ट्रीय पहचान
उत्तर प्रदेश के बागपत जिले का एक छोटा सा गांव — ट्यौढ़ी।सुबह की हल्की ठंड, साइकिल पर लदे अख़बार और समय से पहले ज़िम्मेदारियों का बोझ। यही वह दृश्य था, जिसमें अमन कुमार का बचपन बीता। पढ़ाई जारी रखने के लिए किशोरावस्था में गांव-गांव अख़बार बांटना उनके लिए कोई रोमांचक अनुभव नहीं था, बल्कि मजबूरी … Read more
