रिपोर्ट, दिलीप कुमार
कप्तानगंज बस्ती, (Kaptanganj) विकासखण्ड कप्तानगंज में बीईओ / खण्ड शिक्षा अधिकारी प्रभात कुमार श्रीवास्तव बिना मान्यता प्राप्त विद्यालयों / अवैध विद्यालयों के संचालन पर मेहरबान है । 01 अप्रैल से शिक्षण सत्र का नया वित्तीय वर्ष प्राराम्भ होता है । अप्रैल , मई , जून और जुलाई माह बीतने के बाद भी बीईओं प्रभात कुमार श्रीवास्तव ने अभी तक बिना मान्यता प्राप्त विद्यालयों / अवैध विद्यालयों की सूची जारी नही की है । 04 माह बीतने के बाद भी अवैध विद्यालयों / अवैध विद्यालयों पर की गई कार्रवाई को सार्वजनिक न करना शिक्षा विभाग में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का संकेतक है ।
बीईओं प्रभात कुमार श्रीवास्तव पहले ऐसे कप्तानगंज बीईओं है जिन्होंने 04 माह बीतने के बाद भी अवैध संचालित एक भी विद्यालय (illegal schools) पर कार्रवाई नही की है । बल्कि पूर्व बीईओं राजेश कुमार के कार्यकाल में सील अवैध विद्यालयों को भी बीईओं प्रभात कुमार श्रीवास्तव ने मनचाहा सुविधा शुल्क लेकर संचालित करवा दिया है । बीईओं प्रभात कुमार श्रीवास्तव का मुख्य उद्देश्य है कि प्रतिमाह अवैध विद्यालयों से वसूली करना है । बीईओं सोचते हैं कि कप्तानगंज Kaptanganj क्षेत्र में अवैध संचालित विद्यालयों को बन्द कराने से हमको कुछ नहीं मिलेगा यदि अवैध विद्यालय हमारे सहयोग से चलता रहा तो हमको प्रतिमाह निर्धारित सुविधा शुल्क मिलता रहेगा इसीलिए कप्तानगंज क्षेत्र में संचालित अवैध विद्यालयों पर कार्रवाई करने से बीईओ कन्नी काटते हैं और न ही अवैध विद्यालयों को बन्द कराने में कोई रुचि ले रहे हैं ।
पहली बार बीईओ के मिलीभगत से अवैध विद्यालयों को संचालन में मिली मनचाहा छूट
सूत्रों के मुताबिक कप्तानगंज क्षेत्र में अवैध संचालित विद्यालयों से प्रतिमाह बीईओ को मनचाहा सुविधा शुल्क मिल रहा है । बीईओं प्रभात कुमार श्रीवास्तव को मनचाहा शुल्क देने में अवैध विद्यालयों को कष्ट इसीलिए नही हो रहा है क्योंकि बीईओं को मनचाहा सुविधा शुल्क देने से जिले के किसी जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा अवैध विद्यालयों की जांच-पड़ताल नही की जाती है और धड़ल्ले से अवैध विद्यालय का संचालन जारी रहता है।
शिक्षा विभाग के लापरवाही / मनमानी अधिकारियों के चलते शिक्षा विभाग में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का खेल चल रहा है । इस सम्बंध में बीईओं प्रभात कुमार श्रीवास्तव से फोन के माध्यम से मीडिया टीम ने जानकारी लेना चाहा तो बीईओं मीडिया के फोन को रिसीव नहीं किया ।