विशेष लेख: समाज के अदृश्य गड्ढों में खोती एक पीढ़ी
किस्मत, बिगड़ैल, नालायक और मजबूरी जैसे शब्द अक्सर उन सामाजिक कारणों को छिपा देते हैं, जिनकी वजह से लाखों युवा चुपचाप पीछे छूट जाते हैं। सवाल यह नहीं कि कौन गिरा, सवाल यह है कि समाज ने वह गड्ढा अब तक भरा क्यों नहीं। सड़क पर बने गड्ढे की एक अच्छी बात होती है। वह … Read more
